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गुरुवार, 2 अगस्त 2007

रिलायन्स और वीएसएनएल

एक दसक पहले इस कम्पनी ने पान्च सौ रुपया मे मोबाइल फोन दिया था, पहले तो bsnl के पास टेलीफोन कनेक्सन ग्राहको को देने के लिये नही थे, मगर रिलायन्स को bsnl ने कितनी ही लाइने मुहैया करवा दी थी, ट्राई ने अपनी चाल को ग्राहको के प्रति वफ़ादारी का नक्शा दिखाया था, और bsnl ने अपनी पूरी की पूरी वफ़ादारी रिलायन्स को दी थी, एक दिन वो आया जब रिलायन्स ने अपने रीकवरी वालो को पूरी छूत देकर ग्राहको के घर भेजना चालू कर दिया, और किसी ने अपने घरो को गिरवी रखा, किसी ने अपनी नौकरी से उधार लेकर इस रिलायन्स को पैसा दिया, रोज नये नये प्लान और रोज नई नई स्कीमे लोगो के सामने रख कर जनता को खूब बेब्कूफ़ बनाया, सेमी कन्डक्टर की कीमतो को हर कोई जानता है, जो आई सी या सेमीकन्डक्टर बाजार मे कुच पैसो मे मिलता है, वही प्लस्टिक मे पेक करने के बाद, जनता को बेबकूफ़ बना कर बेचना चालू कर दिया है,जो आदमी अपने हाल चाल एक पोस्ट कार्ड से मात्र पच्चीस पैसे मे ले लेता था,वही अब आलसी स्वभाव के कारण रोजाना पन्द्रह से बीस रुपया केवल समाचार लेने के लिये करता है,लुटेरो को मजा आगया है,वे बेन्क से निकलते ही मोबाइल से रुपया निकालने बाले की पहिचान कर लेते है और अपने साथिओ को बता देते है, सरकार भी जो टीवी पर टेक्स लगाने जा रही है, वह इन कम्पनियो पर टेक्स लगाने के बिलकुल नही सोचेगी, कारण कम्पनी बाले इन नेताओ के घर पर जाकर मोटी थैली मुलायम सिह जैसी देकर आयेन्गे, और वे अपने दस्तखत से इनको आबाद करने के बाद गरीबो का हक छीन कर इनके पॆटो को मोटा करने के लिये दे देन्गे.
रिलायन्स का एक भुक्त भोगी ,